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लोकोक्तियाँ

अक्ल बड़ी कि भैंस – शारीरिक बल से बौद्धिक बल अधिक अच्छा होता है।  अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता – समूह के द्वारा किया जा सकनेवाला कठिन कार्य अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता। अटका बनिया देय उधार – स्वार्थी और मजबूर व्यक्ति अनचाहा कार्य भी करता है। अध जल गगरी छलकत जाए – अल्पज्ञ व्यक्ति अपने ज्ञान के […]

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मुहावरे

अंगारों पर पैर रखना – संकट में पड़ जाना। घोड़े बेच कर सोना – काम से उदासीन रहकर निश्चित होकर समय बिताना। छठी का दूध याद आना – सम्पूर्ण शक्ति लगाने पर सफलता में संदेह होना। चुल्लू भर पानी में डूब जाना – लज्जा और ग्लानि का तीव्र अनुभव करना। अपना उल्लू सीधा करना – स्वार्थ सिद्ध करना। खून खौल उठना – अत्यधिक क्रोध आना। बाल बाँका

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वाक्यांश के लिए एक शब्द || Vakyansh ke liye ek shabd

वाक्यांश के लिए एक शब्द || Vakyansh ke liye ek shabd अंक (गोद में) सोने वाला – अंकशायी जो अंडे से जन्म लेता है – अंडज राजभवन के अंदर महिलाओं का निवास – अंतःपुर धरती और आकाश के बीच का स्थान – अंतरिक्ष किसी देश के अन्दर होने वाला या उससे संबंध रखने वाला – अंतर्देशीय जो किसी वस्तु के अंदर दृढ़तापूर्वक वर्तमान या स्थित है – अंतर्निविष्ट गुरु के साथ या समीप रहने वाला छात्र – अंतेवासी जो अंतिम (शूद्र) वर्ण में जन्मा हो – अंत्यज किसी पद्य के अंतिम अक्षर से नया पद्य आरंभ करने का खेल – अंत्याक्षरी तर्क के बिना मान लिया गया विश्वास – अंधविश्वास जिसमें काँटे या विघ्न–बाधा न हो – अकंटक जो कहा न जा सके – अकथनीय जो कहा न गया हो – अकथित जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो – अक्षम जो खाने योग्य न हो – अखाद्य जो गाये जाने योग्य न हो – अगेय जिसका ज्ञान इन्द्रियों द्वारा न हो – अगोचर जिसकी गिनती न की जा सके – अगणित जिसका जन्म पहले हुआ हो – अग्रज जो चिंतन करने योग्य न हो – अचिन्त्य जिसका कभी जन्म न हो – अजन्मा

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समास – हिन्दी व्याकरण

समास समास का शाब्दिक अर्थ संक्षिप्त होता हैं, समास शब्द दो शब्दों सम् और आस के मेल से बना हैं , जिसमें सम् का अर्थ पास ओर आस का अर्थ आना या बैठना होता हैं दो या दो से अधिक शब्दों के परस्पर मेल को समास कहते हैं समास के प्रकार – अव्ययीभाव समास पहला

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उपसर्ग हिन्दी व्याकरण

उपसर्ग की परिभाषा उपसर्ग – किसी भी भाषा में उस अव्यय या शब्दांश को उपसर्ग कहते हैं जो मूल शब्दों के आरंभ में लगकर उनके अर्थों का विस्तार, परिवर्तन या उनमें कोई विशेषता उत्पन्न करता है। जैसे- अ, अनु, अप, वि आदि हिन्दी के उपसर्ग है। उपसर्ग का अर्थ उपसर्ग शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- उप (समीप) + सर्ग (सृष्टि करना)। अतः उपसर्ग

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