WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

तेजा जी – || Teja ji

तेजा जी

  • जन्म – 1074 ई., खड़नाल/खरनाल (नागौर) में, माघ शुक्ला चतुदर्शी को।
  • तेजाजी नागवंशीय जाट थे।
  • पिता का नाम-ताहड़जी जाट, माता का नाम-राजकुंवरी/रामकुंवरी, पत्नी-पेमलदे (पनेर के रायचन्द्र की पुत्री थी।)। 7 सितम्बर, 2011 को सचिन पायलट ने खरनाल (नागौर) में तेजाजी पर 5 रु. का डाक टिकट जारी किया।
  • तेजाजी ने लाछा गुर्जरी की गायों को मेर (वर्तमान आमेर) के मीणाओं से छुड़ाया।
  • सुरसरा (किशनगढ़, अजमेर) में जीभ पर साँप काटने से तेजाजी की मृत्यु।
  • घोड़ी का नाम-‘लीलण‘।
  • तेजाजी की मृत्यु की सूचना उनकी घोड़ी ने घर आकर दी।
  • तेजाजी के पुजारी को घोड़ला कहते थे।
  • काला और बाला के देवता, कृषि कार्य़ों के उपकारक देवता, गौरक्षक देवता के रूप में पूजनीय।
  • अजमेर व नागौर में विशेष पूजनीय।
  • तेजाजी की याद में प्रतिवर्ष तेजादशमी (भाद्रपद शुक्ला दशमी) को परबतसर (नागौर) में भव्य पशु मेला भरता है जो आय की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा पशु मेला है।
  • सेंदरिया, ब्यावर, भावतां, सुरसरा (अजमेर) तथा खरनाल (नागौर) में तेजाजी के प्रमुख पूजा स्थल है।
  • साँप काटने पर तेजाजी के भोपे चबूतरे (तेजाजी के थान) पर पीड़ित व्यक्ति को ले जाकर गौ मूत्र से कुल्ला करके तथा दाँतों में गोबर की राख दबाकर साँप कांटे हुए स्थान से जहर चूसना प्रारम्भ करता है।

READ MORE about  भूरिया बाबा || बाबा गौतमेश्वर || Bhuriya baba || Goutmeshwar

Leave a Comment

You cannot copy content of this page