समर सिंह (1273 – 1302 ई.) || Samar singh
- – इसका काल विद्या की उन्नति के लिए जाना जाता है। इसके राज्य में रत्नप्रभसूरी, पार्श्वचन्द, भावशंकर, वेदशर्मा, शुभचन्द आदि विद्वान तथा पद्म सिंह, केल सिंह, केल्हण आदि शिल्पी निवास करते थे।
- – समर सिंह ने मेवाड़ में जीव हिंसा पर रोक लगाई ।
- – ‘चीरवा अभिलेख’ में शत्रु संहार के कारण समर सिंह को ‘सिंह के समान’ माना गया है।
- – ‘कुम्भलगढ़ प्रशस्ति’ में इसे ‘शत्रुओं की शक्ति का अपहरणकर्ता’ बताया गया है।
- – उसके एक पुत्र कुंभकरण ने ’नेपाल में गुहिल वंश की स्थापना’ की।
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