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विलोम शब्द | Vilom Shabd in Hindi

विलोम शब्द | Vilom Shabd in Hindi शब्द विलोम शब्द अंकुश निरंकुश अक्रुर क्रुर अग्रज अनुज अचल चल अनंत अंत अथ इति अतिवृष्टि अनावृष्टि अनुकूल प्रतिकूल अनित्य नित्य अर्पण ग्रहण अर्वाचीन प्राचीन अवलम्ब निरालम्ब अवनत उन्नत अनाथ सनाथ अन्तरंग बहिरंग अंशतः पूर्णतः अल्पज्ञ बहुज्ञ अधुनातन पुरातन अदोष सदोष अभ्यस्त अनभ्यस्त असली नकली अज्ञ विज्ञ अनागत […]

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मेवाड़ का इतिहास History of Mewar

मेवाड़ का इतिहास || History of Mewar मेवाड़ का इतिहास History of Mewar गुहिल वंश को ब्राह्मणों की संतान बताने वाले स्त्रोत– गोपीनाथ शर्मा ,डी.आर.भंडारकर, आहड़ अभिलेख, कुंभलगढ़ प्रशस्ति, एकलिंग महात्म्य , डॉ दशरथ शर्मा । ➡ मुहणौत नैणसी और जेम्स टॉड ने इस वंश की 24 शाखाएँ बताई है- कल्याणपुर, वागड़,चाकसू , धोड, काठियावाड़,

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राजस्थान में 1857 की क्रांति || Rajasthan me 1857 ki kranti

राजस्थान में 1857 की क्रांति Rajasthan me 1857 ki kranti राजस्थान की रियासतों ने 1818 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि करके बाह्य आक्रमणों के प्रति निश्चिंत हो गए, लेकिन कंपनी द्वारा उन संधि की शर्तों के अनुसार आंतरिक मामलों में भी हस्तक्षेप किया जाने लगा। 1757 ई. के प्लासी के युद्ध से

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राजस्थान इतिहास के स्रोत Sources of Rajasthan History

राजस्थान इतिहास के स्रोत अभिलेख एवं प्रशस्तियाँ अशोक के अभिलेख (विराट नगर) :-  आमेर का लेख :-  कुंभलगढ़ शिलालेख (1460 ई.) :-  चीरवा का शिलालेख (1273 ई.) :-  बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) :-  सांमोली शिलालेख (646 ई.)  :- घटियाला के शिलालेख (861 ई.) :- आबू का (अचलेश्वर) अभिलेख (1285 ई.) :-  मानमोरी का अभिलेख (713

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भरतपुर का इतिहास History of bharatpur

भरतपुर का इतिहास History of bharatpur राजस्थान के पूर्वी भाग-भरतपुर, धौलपुर, डीग आदि क्षेत्रों पर जाट वंश का शासन था। यहाँ जाट शक्ति का उदय औरंगजेब के शासन काल से हुआ था। धीरे-धीरे जाट शक्ति संगठित होती गई और औरंगजेब की मृत्यु के आसपास जाट सरदार चूड़ामन ने थून में किला बनाकर अपना राज्य स्थापित

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बीकानेर का इतिहास || History of Bikaner

बीकानेर का इतिहास राव बीका (1465-1504 ई.) बीकानेर के राठौड़ वंश का संस्थापक राव जोधा का पुत्र राव बीका था। राव बीका ने करणी माता के आशीर्वाद से 1465 ई. में जांगल प्रदेश में राठौड़ वंश की स्थापना की तथा सन् 1488 ई. में नेरा जाट के सहयोग से बीकानेर (राव बीका तथा नेरा जाट

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मारवाड़ का इतिहास || history of marwar

मारवाड़ का इतिहास राजस्थान के उत्तरी व पश्चिमी भागों मे राठौड़ वंशीय राजपूतों का साम्राज्य स्थापित हुआ, जिसे मारवाड़ कहते है। राठौड़ का शाब्दिक अर्थ राष्ट्रकूट होता है। जोधपुर के राठौड़ों का मूल स्थान कन्नौज था। उनको बंदायूँ वंश से उत्पन्न माना जाता है। जोधपुर के राठौड़ वंश का संस्थापक राव सीहा था, जो कन्नौज

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जैसलमेर का इतिहास History of Jaisalmer

जैसलमेर का इतिहास जैसलमेर में भाटी वंश का शासन था जो स्वयं को चन्द्रवंशी यादव एवं श्रीकृष्ण के वंशज मानते हैं। यादवों के ही एक वंशज भट्टी ने 285 ई. में भटनेर (हनुमानगढ़) के किले का निर्माण कर वहाँ अपना राज्य स्थापित किया। इसके वंशज भाटी कहलाने लगे। भट्टी के वंशज मंगलराव को गजनी के शासक

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हाड़ौती के चौहान का इतिहास History of hadouti chouhan

हाड़ौती के चौहान का इतिहास History of hadouti chouhan हाड़ौती क्षेत्र में मध्यकाल तक मीणा जाति का शासन था। 1241 ई. के लगभग देवा चौहान ने मीणा शासक जैता को पराजित कर हाड़ौती में चौहान वंश की स्थापना की। देवा चौहान नाडोल के चाैहानों का ही वंशज था। देवा ने अपने राज्य का विस्तार किया तथा

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सिरोही के चौहान का इतिहास History of Sirohi

सिरोही के चौहान का इतिहास History of Sirohi सिरोही का प्राचीन नाम अर्बुदांचल था। कर्नल जेम्स टॉड ने सिरोही का मूलनाम ‘शिवपुरी’ बताया है। सिरोही में देवड़ा शाखा के चौहानों का संस्थापक लुम्बा था जो जालौर के चाैहानों की देवड़ा शाखा का वंशज था। लुम्बा ने परमारों से आबू एवं चंद्रावती का क्षेत्र जीतकर स्वतंत्र

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