WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण –  प्राग्मौर्य युग में मगध सम्राटों का अधिकार क्षेत्र भारत के पश्चिमी प्रदेशों तक विस्तृत नहीं हो पाया था। इसी कारण पश्चिमी प्रदेशों में घोर अराजकता तथा अव्यवस्था का वातावरण व्याप्त था। –  ऐसी स्थिति में विदेशी आक्रान्ताओं का ध्यान भारत के इस भू-भाग की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक ही […]

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण Read More »

मगध का उत्थान

मगध का उत्थान –  छठी से चौथी शताब्दी ई.पू. में मगध (आधुनिक बिहार) सबसे शक्तिशाली महाजनपद बन गया। आधुनिक इतिहासकार इसके कई कारण बताते हैं। एक यह कि मगध क्षेत्र में खेती की उपज खास तौर पर अच्छी होती थी। दूसरा यह कि लोहे की खदानें भी आसानी से उपलब्ध थी, जिससे उपकरण और हथियार

मगध का उत्थान Read More »

महाजनपद काल || Mahajanpad kal

महाजनपद काल – अधिकतर विद्वान छठी शताब्दी ई. पूर्व से भारतीय इतिहास के ऐतिहासिक काल के आरंभ को मानते हैं। उत्तर वैदिक काल में जो अधिकतर कबीलों ने निश्चित भू-भागों पर अधिकार कर के अपने-अपने जनपद स्थापित करना प्रारम्भ किया था, वही प्रक्रिया आगे चलकर महाजनपदों की स्थापना में सहायक हुई। – इस काल को

महाजनपद काल || Mahajanpad kal Read More »

जैन और बौद्ध धर्म || Jain or Boddh Dharm

जैन एवं बौद्ध धर्म –  ई. पू. की छठी शताब्दी को विश्व में धर्म सुधार आंदोलन के युग के रूप में जाना जाता है। इस काल के दौरान न केवल भारत अपितु विश्व में धर्म सुधार हुआ। जैसे: देश :  धर्म सुधारक  चीन :  कन्फ्यूशियस एवं लाऑत्से  ईरान :  जरथ्रुस्ट्र  यूनान :  प्लूटो, सुकरात, अरस्तु,

जैन और बौद्ध धर्म || Jain or Boddh Dharm Read More »

वैदिक सभ्यता || Vaidik Sabhyata

वैदिक सभ्यता उदय :- – सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के बाद जिस सभ्यता का उदय हुआ उसे वैदिक अथवा आर्य सभ्यता के नाम से जाना जाता है। – वैदिक सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेद हैं जिनमें ऋग्वेद सबसे प्राचीन है व सबसे बड़ा स्रोत है। – यह भारत की प्रथम ग्रामीण सभ्यता मानी

वैदिक सभ्यता || Vaidik Sabhyata Read More »

सिन्धु घाटी सभ्यता || Sindhu ghati sabhyata

सिन्धु घाटी सभ्यता –  पाषाण युग की समाप्ति के बाद धातुओं के युग का प्रारम्भ हुआ। इसी युग को आद्य ऐतिहासिक काल या धातु काल कहा जाता है। –  हड़प्पा संस्कृति की गणना इस काल से की जाती है। –  अबतकविश्वकी 4 सभ्यताएँप्रकाशमेंआईहैंजो क्रमश:   सभ्यतानाम–  नदी 1. मेसोपोटामिया        –    दजला व फरात 2. मिस्र     

सिन्धु घाटी सभ्यता || Sindhu ghati sabhyata Read More »

राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ || Rajasthan ki sabhyataye

राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ || Rajasthan ki sabhyataye राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ राजस्थान का पाषाण काल :-  पुरापाषाण काल :-   मध्यपाषाण काल :-   उत्तर / नवपाषाण काल :- शैलाश्रय :- आहड़ सभ्यता – उदयपुर :- कालीबंगा सभ्यता :- गणेश्वर सभ्यता – सीकर :-  गिलूण्ड सभ्यता – राजसमंद :-  बैराठ सभ्यता – जयपुर :- 

राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ || Rajasthan ki sabhyataye Read More »

वैयक्तिक विभिन्नताएँ एवं विशिष्ट बालक || Individual Difference and Exceptional

● कोई भी दो बालक/व्यक्ति समान नहीं होते हैं अर्थात् सभी में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक, बौद्धिक रूप से विभिन्नताएँ पाई जाती हैं, जिसे व्यक्तिगत विभिन्नता कहते हैं।● प्रत्येक बालक विशिष्ट होता है। समाज में सभी बालक एक समान प्रकृति के नहीं होते हैं और उन बालकों में विभिन्न प्रकार की अलग-अलग विशेषताएँ होती हैं।●

वैयक्तिक विभिन्नताएँ एवं विशिष्ट बालक || Individual Difference and Exceptional Read More »

भारत का सामान्य परिचय || Bharat ka samany parichay

भारत का सामान्य परिचय     भारत की स्थिति उत्तरी गोलार्ध एवं पूर्वी देशांतर में है।    भारत की आकृति चतुष्कोणीय है।    भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4′ से 37°6′ उत्तरी गोलार्ध में है ।    देशांतरीय विस्तार 68°7′ से 97°25′ पूर्वी देशांतर में है ।    भारत का विश्व में क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवां एवं जनसंख्या की दृष्टि

भारत का सामान्य परिचय || Bharat ka samany parichay Read More »

समश्रुत भिन्नार्थक शब्द II युग्म शब्द

समश्रुत भिन्नार्थक = सम-समान, श्रुत – सुनना, भिन्न-अलग।वे शब्द जो सुनने में समान हो, परन्तु अर्थ में भिन्न हो1. आदि – प्रारम्भ/प्रथमआदी – अभ्यस्त2. तरणि – सूर्यतरणी – नाव3. मरीचि – किरणमरीची – सूर्य4. सूर – सूर्य, अंधाशूर – वीर5. अज – अजन्मा, ब्रह्मा, दशरथ के पिता, बकराअजा – बकरी6. छकड़ी – बैलगाड़ीछगड़ी – बकरी7. छाछ

समश्रुत भिन्नार्थक शब्द II युग्म शब्द Read More »

You cannot copy content of this page