Rajasthan History

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राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ || Rajasthan ki sabhyataye

राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ || Rajasthan ki sabhyataye राजस्थान की प्रमुख सभ्यताएँ राजस्थान का पाषाण काल :-  पुरापाषाण काल :-   मध्यपाषाण काल :-   उत्तर / नवपाषाण काल :- शैलाश्रय :- आहड़ सभ्यता – उदयपुर :- कालीबंगा सभ्यता :- गणेश्वर सभ्यता – सीकर :-  गिलूण्ड सभ्यता – राजसमंद :-  बैराठ सभ्यता – जयपुर :-  […]

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राजस्थान के प्रमुख समाचार पत्र ।। Rajasthan ke pramukh samachar patra

राजस्थान के प्रमुख समाचार पत्र Rajasthan ke pramukh samachar patra राजस्थान सेवा संघ द्वारा प्रकाशित समाचार–पत्र 1. नवीन राजस्थान – 2. तरुण राजस्थान – 3. राजस्थान केसरी – पुस्तकें/पत्र–पत्रिकाएँ लेखक मेवाड़ का वर्तमान शासन माणिक्यलाल वर्मा जैसलमेर में गुण्डाराज सागरमल गोपा रघुनाथ सिंह का मुकदमा सागरमल गोपा डंका पत्रिका विजयसिंह पथिक/साधु सीताराम दास मारवाड़ में उत्तरदायित्व शासन-आंदोलन क्यों

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राजस्थान के प्रमुख जनपद ।। Rajasthan ke pramukh janpad

राजस्थान के प्रमुख जनपद Rajasthan ke pramukh janpad जनपद/महाजनपद इन महाजनपदों में 2 प्रकार के राज्य थे –(1) गणतंत्रात्मक(2) राजतंत्रात्मक राजस्थान के प्रमुख जनपद1. मत्स्य जनपद2. शिवि जनपद3. शूरसेन जनपद4. जांगल जनपद1. मत्स्य जनपद – 2. शिवि जनपद – 3. शूरसेन जनपद – 4. जांगल जनपद –

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राजस्थान में किसान आंदोलन ।। Rajasthan me kisan aandolan

राजस्थान में किसान आंदोलन Rajasthan me kisan aandolan बिजौलिया किसान आंदोलन– (1897-1941 ई.) – बिजौलिया को प्राचीन काल में ‘विजयावल्ली’/विन्धपवल्ली के नाम से जाना जाता था। – बिजौलिया व भैंसरोड़गढ़ के मध्य भाग को ऊपरमाल के नाम से जाना जाता है। बिजौलिया शिलालेख में ऊपरमाल के क्षेत्र को ‘उत्तमाद्रि’ कहा गया है। – बिजौलिया ठिकाने

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राजस्थान में जनजातीय आंदोलन ।। Rajasthan me pramukh janjati aandolan

राजस्थान में जनजातीय आंदोलन राजस्थान की जनजातियों में भील, मीणा, सहरिया एवं गरासिया प्रमुख है। अंग्रेजीकाल में देश के अन्य हिस्सों की तरह राजस्थान में भी जागीरदारों और साहूकारों ने शोषण शुरू कर दिया। 19 वीं सदी के अन्त में इन जातियों की स्थिति में सुधार के लिए कई महापुरुष आगे आए तथा जनजागृति उत्पन्न

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राजस्थान में प्रजामण्डल ।। Rajasthan me prajamandal

राजस्थान में प्रजामण्डल एवं उत्तरदायी शासन की स्थापना जोधपुर – बीकानेर – जैसलमेर – मेवाड़ – कोटा – बूँदी – राजस्थान का इतिहास क्र.स. प्रजामण्डल स्थापना वर्ष अध्यक्ष व गठन तथ्य 1. झालावाड़ प्रजामण्डल 25 नवम्बर, 1946 संस्थापक अध्यक्ष – मांगी लाल भव्य इस प्रजामण्डल को राजघराने का समर्थन था। 2. प्रतापगढ़ प्रजामण्डल 1945 चुन्नीलाल

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मेवाड़ का इतिहास History of Mewar

मेवाड़ का इतिहास || History of Mewar मेवाड़ का इतिहास History of Mewar गुहिल वंश को ब्राह्मणों की संतान बताने वाले स्त्रोत– गोपीनाथ शर्मा ,डी.आर.भंडारकर, आहड़ अभिलेख, कुंभलगढ़ प्रशस्ति, एकलिंग महात्म्य , डॉ दशरथ शर्मा । ➡ मुहणौत नैणसी और जेम्स टॉड ने इस वंश की 24 शाखाएँ बताई है- कल्याणपुर, वागड़,चाकसू , धोड, काठियावाड़,

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राजस्थान में 1857 की क्रांति || Rajasthan me 1857 ki kranti

राजस्थान में 1857 की क्रांति Rajasthan me 1857 ki kranti राजस्थान की रियासतों ने 1818 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि करके बाह्य आक्रमणों के प्रति निश्चिंत हो गए, लेकिन कंपनी द्वारा उन संधि की शर्तों के अनुसार आंतरिक मामलों में भी हस्तक्षेप किया जाने लगा। 1757 ई. के प्लासी के युद्ध से

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राजस्थान इतिहास के स्रोत Sources of Rajasthan History

राजस्थान इतिहास के स्रोत अभिलेख एवं प्रशस्तियाँ अशोक के अभिलेख (विराट नगर) :-  आमेर का लेख :-  कुंभलगढ़ शिलालेख (1460 ई.) :-  चीरवा का शिलालेख (1273 ई.) :-  बिजौलिया शिलालेख (1170 ई.) :-  सांमोली शिलालेख (646 ई.)  :- घटियाला के शिलालेख (861 ई.) :- आबू का (अचलेश्वर) अभिलेख (1285 ई.) :-  मानमोरी का अभिलेख (713

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भरतपुर का इतिहास History of bharatpur

भरतपुर का इतिहास History of bharatpur राजस्थान के पूर्वी भाग-भरतपुर, धौलपुर, डीग आदि क्षेत्रों पर जाट वंश का शासन था। यहाँ जाट शक्ति का उदय औरंगजेब के शासन काल से हुआ था। धीरे-धीरे जाट शक्ति संगठित होती गई और औरंगजेब की मृत्यु के आसपास जाट सरदार चूड़ामन ने थून में किला बनाकर अपना राज्य स्थापित

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