राजस्थान का अपवाह तंत्र ( Drainage system of Rajasthan ) अरावली पर्वतमाला द्वारा निर्धारित होता है। भारत की महान जल विभाजक रेखा राजस्थान की नदियों को दो भागों में विभाजित करती है। यह जल विभाजक रेखा उत्तर में अरावली अक्ष के साथ सांभर झील के दक्षिणी भाग तक फैली हुई है। यहाँ से यह उदयपुर के दक्षिण में ब्यावर, देवगढ़, कुम्भलगढ़, हल्दीघाटी से कुछ किलोमीटर पूर्व होते हुए उदयसागर तक दक्षिण-पश्चिम की ओर जाती है। राजस्थान के लगभग 50% क्षेत्र में किसी भी खुले समुद्र में जल निकासी नहीं है और यह अंतर्देशीय जल निकासी प्रणाली का हिस्सा है। जल निकासी में अलग-अलग नदी घाटियाँ होती हैं, जिनका पानी रेगिस्तान में ही गायब हो जाता है।
इस लेख में हम राजस्थान का अपवाह तंत्र ( Drainage system of Rajasthan ), राजस्थान के अपवाह तंत्र के प्रकार, राजस्थान की नदियां, नदी प्रणाली, झील, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। राजस्थान का अपवाह तंत्र ( Drainage system of Rajasthan ) राजस्थान लोक सेवा आयोग और आरआरएमएसएसबी द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजस्थान का अपवाह तंत्र ( Drainage system of Rajasthan ) एक ऐसा टॉपिक है जिससे लगातार विभिन्न परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाते हैं।