India History

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

बहमनी साम्राज्य

बहमनी साम्राज्य दक्कन के राज्यों के प्रमुख सरदार राज्य प्रमुख सरदार गोलकुण्डा मीरा जुमला, मदन्ना, अकन्ना अहमद नगर मलिका अम्बर बहमनी महमूद गवाँ विजय नगर नरसा नायक, कुमार कम्पा (कम्पन) बीजापुर अफजल खाँ, मुरारी पंडित विजयनगर व बहमनी साम्राज्य में आये विदेशी यात्री यात्री देश समय शासक इब्नबतूता मोरक्को 14वीं सदी हरिहर प्रथम निकोलोकोन्टी इटली […]

बहमनी साम्राज्य Read More »

विजयनगर साम्राज्य

विजयनगर साम्राज्य दक्षिण में संघर्ष का काल – विजयनगर की भाषा तेलुगु व बहमनी राज्य की भाषा मराठी थी। 1. संगम वंश : – विजयनगर साम्राज्य की स्थापना पाँच भाइयों वाले परिवार के दो सदस्यों हरिहर तथा बुक्का ने की थी। – ये वारंगल के काकतीयों के सामंत थे तथा बाद में आधुनिक कर्नाटक में

विजयनगर साम्राज्य Read More »

सल्तनत काल

सल्तनत काल भारत में इस्लामिक शासन प्रारम्भ –  दिल्ली से होने वाले तुर्कों के शासन को दिल्ली सल्तनत की संज्ञा दी गई और 13-16वीं शताब्दी तक उत्तरी भारत के इतिहास को साधारणतया इसी नाम से पुकारा जाता है। –  1206 से 1290 तक उत्तरी भारत के कुछ भागों पर जिन तुर्क शासकों ने शासन किया

सल्तनत काल Read More »

विदेशी आक्रमण (अरब तुर्क आक्रमण)

विदेशी आक्रमण (अरब तुर्क आक्रमण) अरब आक्रमण : –  भारत में प्रथम मुस्लिम आक्रांता मुहम्मद बिन कासिम। –  अरबों ने प्रथम आक्रमण सिंध पर किया। –  सिंध की राजधानी आलौर थी। –  सिंध का शासक दाहिर (ब्राह्मण वंश का शासक) था। रावर का युद्ध – 712 ई. :- –  दाहिर व मोहम्मद बिन कासिम के

विदेशी आक्रमण (अरब तुर्क आक्रमण) Read More »

भारतीय संस्कृति का विदेशों में प्रचार

भारतीय संस्कृति का विदेशों में प्रचार वृहत्तर भारत – भारतीय संस्कृति का विदेशी क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ प्रसार हुआ उसे वृहत्तर भारत कहा जाता है| – सर्वाधिक प्रसार – बौद्ध धर्म का – वृहत्तर भारत का विभाजन हम दो भागों में कर सकते हैं। प्रथम भाग में मध्य एशिया, तिब्बत तथा चीन को रखा जा सकता

भारतीय संस्कृति का विदेशों में प्रचार Read More »

गुप्त काल

गुप्त काल गुप्त की उत्पत्ति- – गुप्त काल को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग कहा जाता है। – मौर्यों के पतन के बाद राजनीतिक एकता समाप्त हो गई थी। – तीसरी शताब्दी में एक शक्तिशाली राजवंश का उदय हुआ जिन्होंने भारत में एकबार पुन: राजनीतिक एकता की स्थापना की। – गुप्त कुषाणों के सामन्त थे।

गुप्त काल Read More »

मौर्योत्तर काल

मौर्योत्तर काल शुंग वंश – पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की नींव डाली। पुष्यमित्र बृहद्रथ का सेनापति था। – पुष्य मित्र शुंग को मगध में ब्राह्मण राज्य स्थापित करने एवं ब्राह्मण धर्म के पुनरुद्धार का श्रेय दिया जा सकता है। – पुष्यमित्र शुंग का काल वैदिक प्रतिक्रिया अथवा

मौर्योत्तर काल Read More »

मौर्य काल

मौर्य काल – मगध के विकास के साथ मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य का शासन पश्चिम में अफगानिस्तान और ब्लूचिस्तान तक विस्तृत था। मौर्यकालीन इतिहास के स्रोत : – मौर्य इतिहास का उल्लेख करने वाले अन्य साहित्यिक स्रोतों में चाणक्य का अर्थशास्त्र, क्षेमेन्द्र की ‘वृहत‌्‌कथा मंजरी’, कल्हण की राजतरंगिणी,

मौर्य काल Read More »

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण –  प्राग्मौर्य युग में मगध सम्राटों का अधिकार क्षेत्र भारत के पश्चिमी प्रदेशों तक विस्तृत नहीं हो पाया था। इसी कारण पश्चिमी प्रदेशों में घोर अराजकता तथा अव्यवस्था का वातावरण व्याप्त था। –  ऐसी स्थिति में विदेशी आक्रान्ताओं का ध्यान भारत के इस भू-भाग की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक ही

प्राचीन काल में विदेशी आक्रमण Read More »

मगध का उत्थान

मगध का उत्थान –  छठी से चौथी शताब्दी ई.पू. में मगध (आधुनिक बिहार) सबसे शक्तिशाली महाजनपद बन गया। आधुनिक इतिहासकार इसके कई कारण बताते हैं। एक यह कि मगध क्षेत्र में खेती की उपज खास तौर पर अच्छी होती थी। दूसरा यह कि लोहे की खदानें भी आसानी से उपलब्ध थी, जिससे उपकरण और हथियार

मगध का उत्थान Read More »

You cannot copy content of this page